शहीद संजीव के परिवार को सुबह चला पता, कोरोना के चलते नहीं जुटने दी भीड़

हिमाचल के बिलासपुर जिले के केरन सेक्टर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में घुमारवीं के देहरा गांव के सूबेदार संजीव कुमार (43) भी शहीद हुए हैं। सोमवार सुबह करीब 7 बजे शहादत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। संजीव माता-पिता के इकलौते बेटे थे और स्पेशल फोर पैरा कमांडो फोर्स में कार्यरत थे। शहीद के पिता ज्ञानचंद खेती-बाड़ी करते हैं। संजीव कुमार के परिवार में 13 वर्षीय बेटा तनिष्क, पत्नी सुजाता,  माता कमला देवी और विवाहिता बहन नीलम शामिल हैं। पत्नी और बेटा किराये के कमरे में बच्चे की शिक्षा के लिए हमीरपुर में रहते हैं।


शहीद की पत्नी सुजाता एक गृहिणी हैं। बेटा कनिष्क (13) हमीरपुर पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता है। लॉकआउन के चलते आजकल अपने पैतृक गांव देहरा में आए हुए थे। पंचायत प्रधान प्रोमिला देवी ने कहा कि संजीव अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे। लॉकडाउन के चलते अधिकांश लोग चाहते हुए भी शहीद के घर तक नहीं पहुंच पाए। क्षेत्र के लोग शहीद के परिवार के साथ मिलकर इस दुख को बांटना चाहते हैं लेकिन कर्फ्यू के चलते लोग अपने घरों से ही इस सपूत को याद कर रहे हैं। अभी तक शहीद का पार्थिव शरीर गांव नहीं पहुंचा है।